रुद्रप्रयाग । जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य निरंतर जारी है। तहसील बसुकेदार के विभिन्न गांवों में स्वास्थ्य परीक्षण, पशु उपचार, राहत सामग्री वितरण, विद्युत आपूर्ति एवं क्षति का आंकलन कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की डॉक्टरों की टीमें तैनात
प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने हेतु जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग की विशेष चिकित्सा टीमों को तैनात किया गया है।
इन चिकित्सा टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्र की जनता का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया जा रहा है। प्रत्येक दल में चिकित्सा अधिकारी, फार्मेसी अधिकारी, एएनएम, सीएचओ एवं आशा कार्यकर्त्रियों को सम्मिलित किया गया है।
📍 तैनात चिकित्सा दलों का विवरण इस प्रकार है –
टीम 1 – स्यूर
डॉ. नितीश काला (चिकित्सा अधिकारी)
सोनम नेगी (सीएचओ)
कान्ती (एएनएम)
मानवेन्द्र कण्डारी (फार्मेसी अधिकारी)
टीम 2 – तालजामण
डॉ. शिवम रावत (चिकित्सा अधिकारी)
जगदीश चन्द्र (फार्मेसी अधिकारी)
बृजमोहन सकलानी (आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारी)
चन्द्रमोहन (कक्ष सेवक)
क्षेत्रीय आशा कार्यकर्त्री
टीम 3 – बडेथ
डॉ. अक्षिता ममगाई (चिकित्सा अधिकारी)
मोहिनी (सीएचओ)
माहेश्वरी देवी (एएनएम)
क्षेत्रीय आशा कार्यकर्त्री
टीम 4 – उच्छोला
डॉ. अयोध्या प्रसाद (चिकित्सा अधिकारी)
प्रदीप शाह (फार्मेसी अधिकारी)
बीना नेगी (एएनएम)
दामिनी (सीएचओ)
आशा कार्यकर्त्री, उच्छोला
ग्राम तालजामण
प्राथमिक विद्यालय राहत शिविर में स्वास्थ्य विभाग का चिकित्सा शिविर आयोजित, अब तक 23 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर औषधि वितरण किया गया, ग्राम प्रधान माहेश्वरी नेगी स्वयं स्वास्थ्य टीम के साथ मौजूद रही, प्रभावित परिवारों हेतु भोजन व्यवस्था सुचारू है।
विद्युत आपूर्ति बहाल, कुछ घरों में समस्या शेष, जिसे दूर करने हेतु विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है।
क्षति आंकलन हेतु गठित टीम का सर्वेक्षण जारी।
पशुपालन विभाग द्वारा प्रभावित परिवारों को पशु आहार वितरित एवं मृत पशुओं का निस्तारण किया गया है।
ग्राम स्यूर (स्यूर बांगर एवं तोक बकौला)
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अब तक 55 ग्रामीणों का परीक्षण किया गया तथा अन्य परीक्षण हेतु प्रतीक्षारत है। चिकित्सा टीम द्वारा औषधि वितरण भी किया गया।
पशुपालन विभाग द्वारा चारा वितरण एवं पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
तोक बकौला में क्षति का आंकलन कार्य जारी है।
ग्राम चिलोंड
गौशाला ढहने से दबे मवेशियों को निकालने का कार्य जारी है।
जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन एवं DDRF की टीम राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय।
ग्राम बक्सीर बांगर
बीती रात जन्मे शिशु को आज मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट उपलब्ध कराई गई।
जच्चा-बच्चा स्वस्थ।
ग्राम उच्छोला
पशुपालन विभाग की टीम (डॉ. अमित सिंह, पशु चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट इन्दर एवं सहायक कार्मिक) ने गांव का सर्वेक्षण किया।
एक गाय मृत, अन्य कोई पशु हानि या लापता नहीं।
छह गौशालाएँ क्षतिग्रस्त।
पशु मालिकों को दवाइयाँ वितरित की गईं।
विस्तृत रिपोर्ट बाद में प्रस्तुत की जाएगी।
ग्राम देवल
कृत्रिम झील का जल निकासी कार्य पूरा कर लिया गया है, खतरा टल गया है।
अन्य व्यवस्थाएँ
तहसील ऊखीमठ से DDRF टीम मौके पर सक्रिय है।
आपातकालीन परिस्थितियों में हेलीकॉप्टर संचालन हेतु अगस्त्यमुनि में अतिरिक्त एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की भी व्यवस्था की गई है।









