हमारा उद्देश्य

उत्तराखण्ड देवों की भूमि है, यहाँ के मठ-मंदिर, प्राकृतिक सौंदर्य और मध्य हिमालय की गोद में दूर तक फैले हरे घास के मनोहारी बुग्याल , ऊंचे पहाड़ों से अठखेलियाँ खेलते गिरते झरने, कही खामोशी से अम्बर पर टकटकी लगाये तालाब, यहां की शुद्ध आबोहवा देश दुनियां के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को आकर्षित करती है। यही कारण है कि हर साल यहां देश-विदेश के लाखों तीर्थयात्री एवं पर्यटक यहां पहुंचते हैं और पहाड़ की खूबसूरती का दीदार करते हैं।  लेकिन इससे इतर कई ऐसे मठ मंदिर, पर्यटक स्थल और हसीन खूबसूरत वादियां हैं जो अभी पर्यटकों और तीर्थाटनों की नजरों से दूर हैं। 

हमारा उद्देश्य ऐसे स्थानों को देश-दुनियां के सामने लाना है ताकि इन छुपे हुए खूबसूरत स्थलों तक पर्यटकों एवं तीर्थाटनों की पहुंच आसान हो सके और यहां अधिक से अधिक संख्या में लोग पहुंचें, इससे न केवल राज्य की आर्थिकी बढ़ेगी बल्कि इन क्षेत्रों के स्थानीय लोगों को भी रोजगार मुहैया होगा। दूसरी तरफ भले ही पहाड़ प्रकृति की बेपनाह नेमतों से परिपूर्ण हो लेकिन समस्याओं और अभावों से ग्रस्त है, यहां के लोगों को हर रोज बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़़ता है।   

20 सालों से उत्तराखण्ड को अपनी स्थाई राजधानी नहीं मिली है, जिस कारण हुक्मरान समस्याग्रस्त पहाड़ चढ़ने को तैयार नहीं हैं और यहां के लोग लगातार पहाड़ छोड़ने के लिए विवश हो रहे हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि हम पहाड़ के दर्द, पीड़ा और दबे कुचले शोषित पीड़ित वर्ग की आवाज को सरकारों तक पहुचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायें,  ताकि इन वंचितों को न्याय मिल पाये। इसके अलावा समसामयिक विषयों, घटनाक्रमों पर पूरी निष्पकक्षता, पारदर्शिता और सही तत्थों के साथ रिर्पाेट प्रकाशित की जायेंगी। साथ ही उत्तराखण्ड की संस्कृति परम्परा, लोक जीवन और यहां की सभ्यताओं को अधिक से अधिक प्रसारित करने, नई प्रतिभाओं को उभारने और सकारात्मक प्रयोगों के सृजन के लिए कार्य किया जायेगा।

हमारे कार्य 

हमारे मुख्य कार्य- साहित्यिक गतिविधियों को एक मंच प्रदान करना है। समाज में फैली विसंगतियों को समाज के और नीति नियंताओं-सरकारों के सामने लाकर  इन्हें दूर करना है। 

व्यवस्था और तंत्र की खामियां को उजागर कर उन्हें दूर करन है। समाज के दबे-कुचले वर्ग, जो अभावों से ग्रसित हो, लोकतांत्रिक देश में उसे उसका हक न मिल रहा हो, जिसकी समस्याओं और पीड़ा को सरकारें न सुन रही हो, उसकी आवाज सरकार तक पहुंचाना।

अपनी संस्कृति, सभ्यता, रिति-रिवाज को जिंदा रखने के लिए उसे प्रोत्साहित करना।  नई प्रतिभाओं को उभारने के लिए मंच प्रदान करना। हमारे आस-पास की सभी प्रकार की घटनाएं और गतिविधियों को प्रकाशित किया जायेगा।

तहलका यूके 

भूपेन्द्र भण्डारी

बेलणी, रूद्रप्रयाग-246171

9627403019

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हमारी टीम-

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  • कर्णप्रयाग- सतेन्द्र पुण्डीर 9634379114
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