रुद्रप्रयाग: जनपद रुद्रप्रयाग के थाना अगस्त्यमुनि क्षेत्र में एक अश्लील वीडियो वायरल किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एक व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें पाया गया कि यह वीडियो शिकायतकर्ता की पुत्री का नहीं है बल्कि किसी अन्य क्षेत्र का है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि व्हाट्सएप ग्रुपों में उक्त वीडियो को साझा कर लड़की की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। थाना अगस्त्यमुनि में शिकायत के आधार पर मुकदमा संख्या 44/2025 धारा 79 भारतीय न्याय संहिता तथा धारा 67ए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग ने जानकारी दी कि वीडियो को गलत तरीके से किसी स्थानीय युवती का बताकर प्रसारित किया गया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच प्रारम्भ की और अब तक इस मामले में 11 व्यक्तियों की संलिप्तता पाई गई है, जिनमें 6 नाबालिग शामिल हैं। पुलिस की तकनीकी जांच में यह सामने आया कि यह वीडियो वर्ष 2023 में विभिन्न पोर्न साइट्स पर अपलोड किया गया था और इसका स्रोत हैदराबाद से जुड़ा है। इसका जनपद रुद्रप्रयाग से कोई संबंध नहीं है। वीडियो को किसी व्यक्ति को बदनाम करने की नीयत से शेयर किया गया था। पुलिस ने इस मामले में चार व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन पर भी कार्रवाई की है।
चिन्हित आरोपियों में सुभान्त निवासी धरसाल, आदित्य सिंह निवासी जयकंडी, गौरव निवासी रायड़ी, भरत भंडारी निवासी रायड़ी, और हर्षु लाल निवासी फलई शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि सभी चिन्हित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। रुद्रप्रयाग पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अश्लील सामग्री या किसी की छवि को खराब करने वाली सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा न करें। ऐसा करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






