टैंक में फंसा तेंदुआ बना चुनौतीवन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा खतरा….

रुद्रप्रयाग । जनपद रुद्रप्रयाग के उत्तर जखोली रेंज अंतर्गत चमराडा क्षेत्र में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेंदुए के पानी के स्टोरेज टैंक में फंसने की सूचना वन विभाग को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही रुद्रप्रयाग वन प्रभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर टीमों को रवाना किया और कुछ ही घंटों में सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देते हुए तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालकर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। राहत की बात यह रही कि पूरे अभियान के दौरान किसी प्रकार की जनहानि या वन्यजीव को कोई नुकसान नहीं हुआ।

वन विभाग के अनुसार, सूचना मिलते ही क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और सबसे पहले सुरक्षा के दृष्टिगत क्षेत्र की घेराबंदी की गई। आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र होने लगी थी, जिसे नियंत्रित करते हुए टीम ने स्थिति को संभाला।
इसके उपरांत रेस्क्यू रिस्पॉन्स टीम (RRT) को सक्रिय किया गया, जिसने बेहद सतर्कता और तकनीकी दक्षता के साथ बचाव अभियान शुरू किया। तेंदुआ टैंक के भीतर फंसा हुआ था और बाहर निकलने में असमर्थ था, ऐसे में टीम ने योजनाबद्ध तरीके से उसे बिना किसी चोट पहुंचाए सुरक्षित बाहर निकालने की रणनीति अपनाई। यह पूरा अभियान उत्तर जखोली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी सुरेन्द्र नेगी के नेतृत्व में संचालित किया गया, जिसमें टीम के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान विशेष सावधानी बरती गई ताकि तेंदुआ किसी प्रकार के तनाव या आक्रामक स्थिति में न आए। काफी मशक्कत के बाद टीम ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया और बाद में उसे जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया, जहां वह अपने प्राकृतिक आवास में वापस चला गया।

वन विभाग ने बताया कि इस प्रकार की घटनाओं को देखते हुए क्षेत्र में लगातार सतर्कता बरती जा रही है। मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करने के लिए नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) की जा रही है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में कैमरा ट्रैप के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि समय रहते स्थिति का आंकलन किया जा सके।

विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना मिले तो स्वयं जोखिम न उठाएं, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचित करें। साथ ही वन्यजीवों के प्रति सतर्क और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है, जिससे मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

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