रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग में हाल के दिनों से जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों ने दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, जहां लगातार भालू और गुलदार के हमले सामने आ रहे हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोग भय के साए में दिन गुजार रहे हैं। इस गंभीर स्थिति पर केदारनाथ विधानसभा की विधायक आशा नौटियाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पठालीधार से लेकर अगस्त्यमुनि तक कई स्थानों पर हमले हो चुके हैं और कुछ जगहों पर तो घटनाएं दोबारा भी हुई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले भी इस तरह की घटनाएं होती थीं, परंतु इस समय हमलों की संख्या असामान्य रूप से बढ़ गई है, जिससे स्थिति चिंताजनक बन गई है।
विधायक आशा नौटियाल ने बताया कि विधानसभा में भी इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है और इसके समाधान के लिए नीति बनाने पर बात आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सचिव स्तर पर भी बात रखी है कि वन विभाग की टीमों को हर पंचायत में भेजा जाए ताकि पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा सकें, ग्रामीणों से सुझाव लिए जा सकें और उन्हें जंगली जानवरों के व्यवहार तथा सतर्कता के उपायों की जानकारी दी जा सके।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के बदलते हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि पहले गांवों में पालतू पशुओं की संख्या अधिक होती थी और लोग आसपास की झाड़ियों की नियमित सफाई भी किया करते थे, लेकिन अब ये स्थान घने झाड़ियों से भर गए हैं, जिससे जंगली जानवर गांवों के नजदीक पहुंचने लगे हैं और हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं। विधायक ने बताया कि उनकी डीएफओ से लगातार वार्ता होती रहती है और विभाग को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इतनी अधिक संख्या में हो रही घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इन्हें रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने आवश्यक हैं।
विधायक ने कहा कि जनसहभागिता, वन विभाग की सक्रियता और पंचायत स्तर पर बढ़ती जागरूकता ही इस चुनौती से निपटने का प्रभावी रास्ता साबित हो सकती है, और इसके लिए नीति निर्माण के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।






