रुद्रप्रयाग। जनपद के सबसे बड़े गांव बावई में चैत्र नवरात्र के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भव्य एवं दिव्य महायज्ञ पूर्ण आस्था और उत्साह के साथ संपन्न हो गया। नवरात्र की नवमी को प्रसिद्ध खल्याणी चौक में आयोजित महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ इस धार्मिक आयोजन का समापन हुआ, जिसमें पूरे गांव बावई की समस्त जनता ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।
इस तीन दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत प्रथम दिवस विधिवत यज्ञ के शुभारंभ से हुई। द्वितीय दिवस पर गांव बावई के प्रसिद्ध प्राकृतिक जल स्रोत गोगानी धारे से 101 बच्चों द्वारा भव्य जल यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। तृतीय दिवस नवमी के अवसर पर महायज्ञ का आयोजन खल्याणी चौक में हुआ, जहां बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों सहित पूरे गांव बावई की सहभागिता देखने को मिली।
महायज्ञ के दौरान मां भगवती, नवरात्र की देवी, भगवान मुनि जी महाराज, अगस्त ऋषि महाराज तथा ग्राम देवताओं का विधिवत आवाहन किया गया। पूर्णाहुति के समय वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा।
गांव बावई में इस प्रकार के भव्य धार्मिक आयोजन समय-समय पर होते रहते हैं। कुछ ही दिन पूर्व मां चंडिका के आगमन पर भी यहां भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके अलावा अगस्त ऋषि महाराज की डोली का सात दिवसीय प्रवास भी गांव बावई में हुआ, जिसमें ग्रामीणों की एकजुटता और गहरी आस्था का अद्भुत स्वरूप देखने को मिला।
गांव बावई की सबसे बड़ी विशेषता इसकी एकता और सामूहिकता है। यहां किसी भी धार्मिक या सामाजिक कार्य की शुरुआत होते ही पूरा गांव एकजुट होकर उसे भव्य और दिव्य रूप देने में जुट जाता है। यही कारण है कि गांव बावई अपने धार्मिक आयोजनों और सामूहिक सहभागिता के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान बनाए हुए है।





