रुद्रप्रयाग में बुधवार को उस समय राहत की सांस ली गई जब पुलिस ने मध्य प्रदेश से लापता हुए एक नाबालिग बच्चे को सकुशल उसके परिवार तक पहुंचा दिया। 10 से 12 वर्ष आयु का यह बालक कस्बा रुद्रप्रयाग में अकेला भटकता मिला था, जिसे स्थानीय व्यक्ति ने सुरक्षित रखते हुए तुरंत कोतवाली रुद्रप्रयाग पहुँचाया। पुलिस ने बालक के रहने-खाने की उचित व्यवस्था कर मामले की जानकारी चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को दी और उसकी पहचान व घर-परिवार का पता लगाने के प्रयास शुरू किए।
पूछताछ में बच्चे ने अपना नाम धीरेन्द्र प्रजापति, निवासी सोहागपुर, जनपद शहडोल (मध्य प्रदेश) बताया, साथ ही यह भी कि वह माता-पिता की डांट से नाराज़ होकर घर से बिना बताए केदारनाथ घूमने आ गया था। उसने परिजनों का कोई मोबाइल नंबर नहीं बताया, जिसके बाद प्रभारी निरीक्षक मनोज नेगी ने उसकी पहचान सुनिश्चित करने और परिजनों को खोजने के लिए टीम को निर्देश दिए। लगातार प्रयास करते हुए पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़कर थाना सोहागपुर से संपर्क स्थापित किया, जहां से पुष्टि हुई कि इस बच्चे की गुमशुदगी 24 नवंबर की रात को दर्ज की जा चुकी है।
बाद में बच्चे की परिजनों से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बात कराई गई। अपने बेटे की आवाज़ सुनकर परिजन भावुक हो उठे और रुद्रप्रयाग पुलिस को धन्यवाद दिया। आज 28 नवंबर को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालक को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
परिजनों ने अपने बच्चे को सुरक्षित पाने पर गहरी राहत व्यक्त की और रुद्रप्रयाग पुलिस की तत्परता व संवेदनशीलता की सराहना की।






