तयूंग : तुंगनाथ महायज्ञ एवं शिव महापुराण पाठ का आठ दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम आज विधिवत रूप से संपन्न हो गया। 10 नवम्बर से 18 नवम्बर 2025 तक चले इस महायज्ञ में प्रतिदिन विविध अनुष्ठान, पूजा, हवन और कथा का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रभर के श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत 10 नवम्बर को ध्यानारोपण और कलश स्थापना के साथ हुई, जिसके बाद नियमित रूप से महापुराण पाठ, शिव चंद्रमा पूजन, और धार्मिक प्रवचनों का सिलसिला पूरे सप्ताह चलता रहा। प्रत्येक दिन प्रातःकाल से लेकर निर्धारित समय तक कथा और हवन की व्यवस्था की गई, जिसमें भक्तों ने परंपरागत विधियों के साथ सहभागी बनकर धाम की धार्मिक गरिमा को और अधिक गौरवान्वित किया।
समापन दिवस पर तुंगनाथ मंदिर के महंत स्वामी भगवानन्द पुरी जी ने सभी क्षेत्रवासियों, श्रद्धालुओं, सहयोगियों और आयोजन समिति का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के सहयोग से यह पूरा धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण, सफल और अत्यंत श्रद्धापूर्ण माहौल में सम्पन्न हो सका। महंत ने बताया कि प्रतिदिन भक्तों की सहभागिता बढ़ती गई और अंतिम दिन पौराणिक विधि-विधान के साथ पूर्णाहुति और सामूहिक आशीर्वाद के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
आयोजकों ने बताया कि इस महायज्ञ का उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक जागरण, सद्भाव और आध्यात्मिक ऊर्जाओं का संचार करना था, जिसमें ग्रामीणों, भक्तों और सेवकों ने पूरे मनोयोग से सहयोग किया। समापन के साथ ही श्रद्धालुओं ने हवनकुंड में आहुतियां अर्पित कर परमात्मा से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और सभी के कल्याण की कामना की।






