शाम करीब सात बजे ग्राम सभा कमसाल के सिमार (ऐंटा) में उस समय दहशत फैल गई जब घर के आंगन में रोटी पका रही 32 वर्षीय पूनम देवी राणा पर अचानक भालू ने हमला कर दिया। भालू महिला को घसीटते हुए खेतों की ओर ले गया। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और शोर मचाया, जिसके बाद काफी मशक्कत के बाद पूनम देवी को तीन खेत नीचे से बमुश्किल छुड़ाया जा सका। इस दौरान महिला को गंभीर चोटें भी आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ समय से क्षेत्र में भालू की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। शाम ढलते ही जंगल से सटे गांवों में लोग घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। खेतों में काम करना, मवेशियों के लिए चारा लाना और रोजमर्रा के काम अब खतरे से खाली नहीं रह गए हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, पिंजरे लगाने और भालू को आबादी से दूर करने के ठोस इंतजाम करने की मांग की है। पहाड़ों में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं न सिर्फ ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही हैं, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर मानव और वन्यजीव संघर्ष लगातार क्यों बढ़ता जा रहा है।





