जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि केदारनाथ हाईवे से टनल के माध्यम से बदरीनाथ हाईवे को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुल को जल्दबाज़ी में यातायात के लिए नहीं खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए प्रशासन कोई भी निर्णय पूरी तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि पुल का कुछ हिस्सा अभी निर्माणाधीन है, जिसे पूर्ण किया जाना बाकी है। इसके पश्चात पुल का विस्तृत सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा और साइड ड्रेसिंग सहित सभी सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पुल पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक इसे यातायात के लिए चालू नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन किसी भी प्रकार की जल्दबाज़ी में निर्णय लेने के पक्ष में नहीं है, क्योंकि यह सीधे तौर पर यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। जिलाधिकारी के अनुसार, प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि पुल तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप तैयार हो।
जिलाधिकारी ने उम्मीद जताई कि मौजूदा यात्रा सत्र के अंत तक पुल को चालू करने की स्थिति बन सकती है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ-साथ सेफ्टी ऑडिट भी संतोषजनक रूप से पूरा हो जाए। उन्होंने दोहराया कि पुल को तभी यातायात के लिए खोला जाएगा जब वह 100 प्रतिशत सुरक्षित पाया जाएगा।





