सिन्द्रवाड़ी गांव में गुलदार के हमले ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है। गांव में पांच वर्षीय मासूम बच्चे को गुलदार उठाकर ले गया, जिससे बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदय विदारक घटना बच्चे की मां के सामने हुई, जिसने पल भर में अपने कलेजे के टुकड़े को खो दिया। घटना के बाद गांव में दहशत और मातम का माहौल है, हर आंख नम और हर चेहरा सदमे में दिखाई दे रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी स्वयं पीड़ित परिवार से मिलने सिन्द्रवाड़ी पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाने का प्रयास किया, लेकिन बच्चे की मां का दर्द शब्दों से परे था। पूरी तरह टूट चुकी मां ने हिम्मत जुटाकर जिलाधिकारी से जो कहा, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर दीं। मां ने कहा कि जैसे गुलदार ने उसके बच्चे को उसकी आंखों के सामने टुकड़ों में नोच डाला, वैसे ही उस गुलदार को भी मार दिया जाए, उसे पिंजरे में कैद नहीं किया जाए। मां का यह करुण विलाप उसके असहनीय दुख और आक्रोश को बयां कर रहा था।
घटना के बाद वन विभाग और प्रशासन की टीमें गांव में तैनात कर दी गई हैं। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और गुलदार की तलाश की जा रही है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। वहीं, इस दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है और वे क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। सिन्द्रवाड़ी गांव में मासूम की मौत ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को सामने ला दिया है।





