ऋषिकेश : देवभूमि ऋषिकेश में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 इस वर्ष भव्यता, व्यापक सहभागिता और उत्कृष्ट प्रबंधन के कारण ऐतिहासिक रूप से सफल रहा। सात दिनों तक चले इस महोत्सव में देश-विदेश से आए हजारों प्रतिभागियों ने योग, ध्यान और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं का अनुभव किया। समापन अवसर पर राज्यपाल ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे उत्तराखण्ड की वैश्विक पहचान को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
महोत्सव के सफल संचालन में आईएएस अधिकारी प्रतीक जैन की अहम भूमिका रही, जो वर्तमान में गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक हैं। उनके नेतृत्व में पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित, अनुशासित और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप संचालित किया गया, जिसकी प्रशंसा प्रतिभागियों और अतिथियों ने खुलकर की।
आयोजन में 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 33 देशों से आए 230 विदेशी साधक भी शामिल रहे। महोत्सव के दौरान 250 से अधिक योग, ध्यान, आयुर्वेद और आध्यात्मिक सत्र आयोजित किए गए, जिनका संचालन 80 से अधिक अनुभवी योगाचार्यों और आध्यात्मिक गुरुओं ने किया। इन सत्रों में पारंपरिक योग विधियों के साथ आधुनिक जीवनशैली में योग के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया।
महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में श्री श्री रविशंकर का सत्संग, आर्यिका पूर्णमति माताजी के प्रवचन, स्नेह राणा के साथ फिटनेस संवाद, तथा सांस्कृतिक संध्या में अनूप जलोटा, रूप कुमार राठौर और लाखविंदर वडाली जैसे कलाकारों की प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समापन समारोह में राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल योग और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सहायक हैं, बल्कि उत्तराखण्ड को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से प्रतीक जैन के कुशल नेतृत्व, समन्वय और दूरदर्शिता की सराहना की।
महोत्सव ने एक बार फिर यह साबित किया कि ऋषिकेश विश्व योग राजधानी के रूप में अपनी पहचान को लगातार मजबूत कर रहा है। स्थानीय प्रशासन, विभिन्न संस्थाओं और स्वयंसेवकों के समन्वय से आयोजित यह कार्यक्रम आने वाले वर्षों के लिए एक मानक स्थापित कर गया है।





