रुद्रप्रयाग। तुंगेश्वर मंदिर समिति की छह माह की चंडिका दिवारा यात्रा के तहत फलासी गांव में गृह दिवारा का पारंपरिक अनुष्ठान पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। देवी चंडिका का प्रतीक स्वरूप ब्रह्मा ठंगुरु गांव के घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों का कुशल-क्षेम पूछ रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र धार्मिक माहौल में सराबोर हो गया है। आज देवी के फलासी गांव में दर्शन के दौरान महिलाएं भावुक दिखीं और गांव में जय चंडिका मां के जयकारे गूंजते रहे। ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था भी की।
आज देवी मोहन सिंह जगवान के आवास से दिवारा यात्रा आगे बढ़ी। समिति के अनुसार आने वाले दिनों में देवी स्थानीय तोकों में भ्रमण करेगी, जबकि जनवरी में उत्तर यात्रा (केदार यात्रा) शुरू होगी। पूजा-अर्चना आचार्य जगदंबा प्रसाद बेंजवाल द्वारा परंपरागत विधि से कराई जा रही है।
समिति अध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह बर्तात्वाल ने बताया कि पंचकोटी के गांव पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण दिशाओं में दिवारा यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं। सचिव पूरण सिंह खत्री ने कहा कि सभी धार्मिक अनुष्ठान पौराणिक परंपराओं के अनुसार संपन्न हो रहे हैं। सह सचिव मगन सिंह नेगी के अनुसार एरवालो और बलद्यो को एक माह पूर्व से अभ्यास कराया जाता है, जो छह माह तक देवी के ब्रह्म निशान के साथ चलते हैं। आयोजन में समिति पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।






