रुद्रप्रयाग में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय रुद्रप्रयाग द्वारा आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भक्ति, योग और मेडिटेशन के माध्यम से शांति व आत्मचिंतन का संदेश ग्रहण किया। शिव जयंती के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, आंतरिक शुद्धि और मानसिक शांति के महत्व को रेखांकित करना रहा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरी जिंदगी में मनुष्य के भीतर बढ़ती नकारात्मकता, तनाव और आपसी दूरी को समाप्त करने के लिए आत्मपरिवर्तन आवश्यक है। अपने अंदर की ‘नेगेटिविटी’ को दूर कर यदि व्यक्ति स्वयं में बदलाव लाता है, तो परिवार, समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। वक्ताओं ने ‘स्वर्णिम भारत’ और ‘राम राज्य’ की अवधारणा को एकता, प्रेम और संगठन से जोड़ते हुए सामाजिक समरसता पर बल दिया।
मुख्य वक्ता डॉ. हिमांशु गोयल, मैनेजिंग डायरेक्टर, माधव इंश्योरेंस ब्रोकर्स प्राइवेट लिमिटेड ने भगवान शिव के आध्यात्मिक स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए योग और मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत एवं संतुलित रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ध्यान के नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है और व्यक्ति को आंतरिक शांति का अनुभव होता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद रुद्रप्रयाग के अध्यक्ष संतोष रावत उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में महावीर पवार, पूर्व जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी ने सहभागिता की। मंच संचालन राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी नीलम बहन जी द्वारा किया गया। आयोजन के दौरान महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए गए तथा स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय रुद्रप्रयाग के अनुसार महाशिवरात्रि से पूर्व ‘90वीं शिवरात्रि’ के रूप में यह कार्यक्रम मनाया गया तथा आगामी दिनों में भी विभिन्न आध्यात्मिक गतिविधियों का क्रम जारी रहेगा। आयोजन के माध्यम से समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया गया।





