उखीमठ। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की क्षेत्रीय शाखा उखीमठ ने पुरानी पेंशन बहाली तथा टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर 10 जुलाई को प्रस्तावित तहसील स्तरीय धरना-प्रदर्शन की सूचना प्रशासन को सौंप दी है। संघ के अध्यक्ष कैलाश मैठाणी के नेतृत्व में शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी उखीमठ एवं उप शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर आंदोलन कार्यक्रम की जानकारी दी।
संघ ने बताया कि अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं राज्य संगठन के आह्वान पर प्रदेशभर में यह आंदोलन आयोजित किया जा रहा है। शिक्षकों की मांग है कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए तथा वर्ष 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि 10 जुलाई को तहसील मुख्यालय उखीमठ में शिक्षक दोपहर 1 बजे से धरना-प्रदर्शन करेंगे तथा अपनी मांगों के समर्थन में प्रधानमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से प्रेषित करेंगे।
इस दौरान संघ के मंत्री राजेंद्र शाह, विनय भट्ट, त्रिलोक राणा, मनोज शर्मा, देवेंद्र नेगी, देवानंद गैरोला, मोहन लाल सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे। शिक्षकों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगा।





