उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लम्बे इंतजार के बाद हुई बारिश और बर्फबारी ने जनजीवन को बड़ी राहत दी है। जहाँ एक ओर इस मौसम बदलाव से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं दूसरी ओर शीतकालीन पर्यटन को भी नई संजीवनी मिली है। लम्बे समय से बारिश न होने के कारण काश्तकारों की फसलों पर संकट गहराता जा रहा था और पर्यटन व्यवसाय भी लगभग ठप पड़ा हुआ था, लेकिन अब मौसम की मेहरबानी से हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मिनी स्वीजरलैंड कहे जाने वाले चोपता-दुगलबिठ्ठा, घिमतोली, कार्तिक स्वामी, खंडपतिया सहित अन्य ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद बड़ी संख्या में पर्यटक पहुँच रहे हैं। बर्फ से ढकी वादियों और पहाड़ों की खूबसूरती का आनंद लेने के लिए लोग परिवार और दोस्तों के साथ इन स्थलों पर पहुंचकर जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। इससे होटल, ढाबा, टैक्सी, होमस्टे और अन्य पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को भी अच्छा रोजगार मिलने लगा है।
गौरतलब है कि शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए सरकार और पर्यटन विभाग लगातार प्रयास कर रहे थे, लेकिन मौसम अनुकूल न होने के कारण पर्यटकों की संख्या बेहद कम रही। अब बारिश और बर्फबारी के बाद न सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य निखर कर सामने आया है, बल्कि शीतकालीन पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में भी नई उम्मीद जगी है। मौसम में आए इस बदलाव को पहाड़ों के लिए वरदान माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में पर्यटन गतिविधियों के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।





