रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार भगवान मध्यमेश्वर के कपाट बंद होने के बाद परंपरानुसार ऊखीमठ में इस वर्ष भी तीन दिवसीय मध्यमेश्वर मेला आयोजित किया जाएगा। मेला समिति ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह मेला 20 से 22 नवंबर तक आयोजित होगा, जिसमें 20 नवंबर को मेले का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा।
मेला समिति की अध्यक्ष एवं नगर पंचायत ऊखीमठ की अध्यक्ष कुब्जा धर्मवाण ने बताया कि 21 नवंबर को भगवान मध्यमेश्वर की पवित्र डोली ऊखीमठ पहुंचेगी। इसी दिन भगवान मध्यमेश्वर मुख्य अतिथि के रूप में मेले में विराजमान रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह मेला क्षेत्र की आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है, जो भगवान के आशीर्वाद से सफलतापूर्वक संपन्न होता है।
कुब्जा धर्मवाण ने बताया कि मेले में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी आमंत्रित किया गया है, और उसी दिन मुख्यमंत्री की शीतकालीन यात्रा का भी शुभारंभ होगा। उन्होंने कहा कि मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, और जो कार्य शेष रह गए होंगे, वे भगवान मध्यमेश्वर की कृपा से स्वयं पूर्ण हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, लोक संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान का प्रतीक है। मेले में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेंगे, जिससे ऊखीमठ में भक्ति और उल्लास का वातावरण बनेगा।






