केदारनाथ यात्रा 2026 से पहले साइबर ठगों के खिलाफ रुद्रप्रयाग पुलिस ने बड़ा अभियान चलाते हुए 265 फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर और बैंक खातों पर कड़ी कार्रवाई की है। हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को ठगने वाले गिरोह पर यह अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे यात्रा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है।
पुलिस के अनुसार, ठग फर्जी वेबसाइट, फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर हेलीकॉप्टर टिकट उपलब्ध कराने का झांसा देते थे और ऑनलाइन भुगतान के जरिए लोगों से ठगी कर रहे थे। इस पर रोक लगाने के लिए जनपद स्तर पर विशेष “साइबर फ्रॉड कॉम्बैट फोर्स” का गठन किया गया, जिसने व्यापक जांच और निगरानी के बाद यह कार्रवाई की।
कार्रवाई के तहत चिन्हित 111 फेसबुक पेजों में से 106 को टेकडाउन किया गया है, जबकि 16 इंस्टाग्राम खातों को संदिग्ध गतिविधियों के चलते रिपोर्ट किया गया है। इसके अलावा ठगी में इस्तेमाल हो रहे 110 मोबाइल नंबरों में से 55 को ब्लॉक कर दिया गया है और बाकी नंबरों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। वित्तीय मोर्चे पर भी पुलिस ने शिकंजा कसते हुए 6 बैंक खातों की जांच की, जिनमें से एक खाते को डेबिट फ्रीज कर दिया गया है, जबकि अन्य खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, हेलीकॉप्टर टिकट दिलाने का दावा करने वाली 22 संदिग्ध वेबसाइट्स को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ डोमेन रजिस्ट्रार को रिपोर्ट भेजी गई है।
पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने स्पष्ट किया है कि केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और साइबर अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवा के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट https://www.heliyatra.irctc.co.in/ ही मान्य है, इसके अलावा किसी अन्य लिंक, सोशल मीडिया विज्ञापन या व्हाट्सएप के माध्यम से टिकट बुकिंग करने से बचें।
उन्होंने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। पुलिस की टीमें लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी कर रही हैं, ताकि केदारनाथ यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को ठगी का शिकार न होना पड़े।





