रुद्रप्रयाग। राम मंदिर, केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम से जुड़े चोरी एवं अनियमितताओं के मामलों को लेकर कांग्रेस के प्रदेश सचिव लक्ष्मण सिंह रावत ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने दशकों तक राम मंदिर और धार्मिक आस्था के नाम पर भाजपा का समर्थन किया, लेकिन आज धर्मस्थलों से जुड़े विवाद और चोरी की घटनाएं लोगों की भावनाओं को आहत कर रही हैं।
रावत ने कहा कि 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन को लेकर पूरे उत्तराखंड में माहौल बना और लोगों ने धार्मिक आस्था के आधार पर भाजपा को समर्थन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं और इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने केदारनाथ धाम से जुड़े स्वर्ण प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने पहले भी इस मुद्दे को उठाया था और तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष द्वारा हरिद्वार से केदारनाथ तक पदयात्रा निकाली गई थी। रावत ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर केवल लीपापोती की गई और वास्तविक तथ्यों को सामने नहीं आने दिया गया।
कांग्रेस नेता ने हाल ही में बद्रीनाथ धाम में सामने आए चोरी के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि मामले की जिम्मेदारी निचले स्तर के कर्मचारियों पर डालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े स्तर पर जवाबदेही तय करने के बजाय पूरे मामले को सीमित दायरे में समेटने की कोशिश की जा रही है।
रावत ने कहा कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार और अन्य प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा बड़ी मात्रा में चढ़ावा चढ़ाया जाता है, इसलिए इन धार्मिक संस्थाओं के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मंदिर समितियों और उनसे जुड़े मामलों की पारदर्शी जांच हो, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सके।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था किसी भी राजनीतिक दल से ऊपर है और मंदिरों से जुड़े मामलों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने जनता से धार्मिक संस्थाओं के संचालन और जवाबदेही के मुद्दों पर सजग रहने की अपील की।





