रुद्रप्रयाग। चौमासी से रामबाड़ा होते हुए केदारनाथ जाने वाले वैकल्पिक मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्र के पूर्व प्रधान चौमासी एवं कालीमठ घाटी संयुक्त विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुलायम सिंह तिन्दोरी ने मार्ग निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
तिन्दोरी ने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद इस मार्ग का महत्व बढ़ गया था। 31 जुलाई 2024 की आपदा के दौरान जब केदारनाथ के मुख्य मार्ग बाधित हो गए थे, तब इसी वैकल्पिक मार्ग से करीब 3000 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया था। इसके बाद प्रशासन द्वारा मार्ग के विकास के लिए धनराशि स्वीकृत की गई।
उन्होंने बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी सौरभ गहरवार द्वारा 2 किलोमीटर मार्ग के लिए अनटाइड फंड से 40 लाख रुपये तथा 9 किलोमीटर मार्ग के लिए जिला योजना से लगभग एक करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। आरोप है कि 9 किलोमीटर हिस्से में कराया गया निर्माण कार्य बेहद घटिया गुणवत्ता का है और कई स्थानों पर कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हुआ है।
मुलायम सिंह तिन्दोरी ने कहा कि वर्ष 2024 में कैबिनेट मंत्री, क्षेत्रीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों ने मार्ग का निरीक्षण कर इसके निर्माण और सुधार का आश्वासन दिया था, लेकिन वर्तमान में मार्ग की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति दर्शाने वाले वीडियो और अन्य प्रमाण मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि इस मार्ग की दुर्दशा को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि आपदा के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस वैकल्पिक मार्ग को मजबूत और सुरक्षित बनाया जाना चाहिए था, लेकिन स्वीकृत धनराशि के बावजूद अपेक्षित कार्य नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा मार्ग के गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग की है।





