रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने अधिकारियों को अलर्ट किया है। रुद्रप्रयाग दौरे पर पहुंचे आयुक्त ने साफ-सफाई, यातायात, लैंडस्लाइड जोन और क्राउड मैनेजमेंट को लेकर अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यात्रा व्यवस्थाएं यात्रा समाप्त होने का इंतजार किए बिना लगातार संचालित और दुरुस्त रखी जानी चाहिए।
गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि धामों और यात्रा मार्गों पर सफाई व्यवस्था नियमित रूप से जारी रहनी चाहिए। यात्रा समाप्त होने का इंतजार करने पर बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा हो सकता है, जिसके बाद उसका निस्तारण करना मुश्किल होगा। इसलिए यात्रा के दौरान ही सफाई और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था प्रभावी बनाए रखना जरूरी है।
यात्रा मार्गों पर लैंडस्लाइड जोन को लेकर भी आयुक्त ने अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटाने अथवा सड़क पर निर्माण कार्य के दौरान यातायात प्रभावित होना स्वाभाविक है, लेकिन ऐसे स्थानों पर जाम को अधिक देर तक नहीं रहने दिया जाना चाहिए। संबंधित विभागों को मलबा हटाने और यातायात को जल्द सामान्य करने के लिए समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है।
बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए पुलिस और यातायात व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। यात्रा मार्गों पर वाहनों के दबाव को कम करने के लिए पार्किंग की व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया गया। आयुक्त ने बताया कि आवास विभाग की ओर से कई स्थान पार्किंग के लिए चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर पार्किंग निर्माण को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चारधाम यात्रा में भीड़ प्रबंधन को लेकर भी नई रणनीति तैयार की जा रही है। आयुक्त ने बताया कि सभी संबंधित विभागों से क्राउड मैनेजमेंट को लेकर एसओपी मांगी गई है। केदारनाथ के लिए एसओपी पर प्रारंभिक चर्चा की जा चुकी है। इसके बाद बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के लिए भी अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार भीड़ प्रबंधन की रणनीति तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि चारों धामों की भौगोलिक परिस्थितियां और श्रद्धालुओं का दबाव अलग-अलग है। ऐसे में सभी जगह एक जैसी व्यवस्था लागू करने के बजाय धामवार रणनीति तैयार करने की जरूरत है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की स्थिति में उसी के अनुरूप यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाएं लागू की जा सकेंगी।
गढ़वाल आयुक्त ने अधिकारियों को यात्रा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न बरतने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।






