श्री केदारनाथ धाम के लिए प्रधानमंत्री ने दी एक और बड़ी सौगात।सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किमी रोपवे की मिली मंजूरी।

श्री केदारनाथ धाम के लिए प्रधानमंत्री ने दी एक और बड़ी सौगात।सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किमी रोपवे की मिली मंजूरी।



(भूपेन्द्र भण्डारी/Tehelka uk न्यूज)

रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध 11वें ज्योतिलिंग श्री केदारनाथ धाम में आने वाले देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं को अब बाबा केदारनाथ के दर्शन करना ओर भी आसान होगा, केंद्रीय मंत्रीमंडल ने सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए रोपवे विकास के लिए मंजूरी दे दी है।


श्री केदारनाथ धाम उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगभग 3,583 मीटर यानि 11968 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

*बताते चलें कि केन्द्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय रोपवे विकास के तहत पर्वतमाला परियोजना के अन्तर्गत उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किमी रोपवे की मंजूरी दी है। जिसका निर्माण कार्य लगभग 4,081 करोड़ की लागत से पूरा किया जायेगा। जबकि रोपवे बनने के बाद सोनप्रयाग से केदारनाथ की यात्रा मात्र 36 मिनट में तय होगी। यह रोपवे सबसे उन्नत ट्राई-केबल डिटेचेबल गोंडोला (3 एस) तकनीक पर आधारित होगा। इसकी डिजाइन क्षमता 1,800 यात्री प्रति घंटे प्रति होगी,जो प्रतिदिन 18 हजार यात्रियों को ले जाएगी।*

केदारनाथ विधायक आशा नोटियाल ने  रोपवे के लिए मिली केंद्रीय कैबिनेट द्वारा धनराशि पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एंव प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह रोपवे परियोजना केदारनाथ आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों सहित स्थानीय जनता के लिए वरदान साबित होगी,क्योंकि यह पर्यावरण-अनुकूल,आरामदायक और तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। जबकि वर्तमान में श्री केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा लगभग 16 से18 किलोमीटर तय करनी पड़ती है, जिसमे लगभग 7 से 8 घंटे का सफर करना होता है, रोपवे बनने के बाद केदारनाथ यात्रा मात्र 36 मिनट में पूरी होगी।

वहीं रोपवे परियोजना के विकास से संतुलित सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने, पहाड़ी क्षेत्रों में लास्ट मील कनेक्टिविटी को बढ़ाने और तेजी से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जबकि वर्तमान में केदारनाथ मंदिर तक की यात्रा गौरीकुंड से 16 किमी की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई पैदल तय करनी पड़ती है, और इसे पैदल, घोड़ा-खच्चर, पालकी और हेलीकॉप्टर से किया जाता है। प्रस्तावित रोपवे की योजना मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा प्रदान करने और सोनप्रयाग तथा केदारनाथ के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।

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