केदारनाथ में सख्ती का नया दौर,VIP दर्शन सीमित, मंदिर परिसर में कैमरा पूरी तरह बैन।

केदारनाथ धाम में आगामी यात्रा सीजन को लेकर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। हर वर्ष वीआईपी दर्शनों को लेकर सामने आने वाली अव्यवस्थाओं और तीर्थ पुरोहितों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए इस बार वीआईपी दर्शन व्यवस्था को सीमित कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब केवल निर्धारित प्रोटोकॉल के अंतर्गत आने वाले श्रद्धालुओं को ही वीआईपी दर्शन की अनुमति दी जाएगी, जबकि अन्य सभी श्रद्धालुओं को सामान्य कतार में लगकर ही बाबा केदार के दर्शन करने होंगे।

मंदिर समिति ने धाम की गरिमा और धार्मिक वातावरण को बनाए रखने के उद्देश्य से एक और अहम निर्णय लिया है। इसके तहत केदारनाथ मंदिर परिसर में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू किया गया है। अब श्रद्धालु मंदिर क्षेत्र के भीतर मोबाइल फोन या कैमरे से फोटो और वीडियो नहीं बना सकेंगे। प्रशासन की ओर से यह माना गया है कि फोटोग्राफी और अनियंत्रित वीआईपी व्यवस्थाओं के कारण कई बार अव्यवस्था उत्पन्न होती है, जिससे अन्य श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है और धार्मिक माहौल भी प्रभावित होता है।

जिलाधिकारी एवं सीईओ, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति विशाल मिश्रा ने बताया कि मंदिर क्षेत्र में एक निर्धारित स्थान चिन्हित किया गया है, जिसके आगे मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की भ्रामक या तथ्यहीन जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।

इस संबंध में मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कपरवाण ने कहा कि समिति का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन कराना है। उन्होंने बताया कि वीआईपी दर्शन को लेकर बार-बार उठने वाले विवादों और अव्यवस्थाओं को समाप्त करने के लिए यह कदम उठाया गया है। साथ ही, फोटोग्राफी पर प्रतिबंध का निर्णय भी धाम की धार्मिक गरिमा और पवित्रता को बनाए रखने के लिए लिया गया है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि यात्रा को सफलतापूर्वक संचालित किया जा सके।

अब देखना यह होगा कि इन नई व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर किस प्रकार लागू किया जाता है और यात्रा के दौरान यह कितनी प्रभावी साबित होती हैं।

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