रुद्रप्रयाग । रुद्रप्रयाग जनपद के भटवाड़ी गांव से पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने नल के पानी में परजीवी और कीड़े जैसे जीव निकलने का आरोप लगाया है, जिसके बाद जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। रेड क्रॉस सोसाइटी रुद्रप्रयाग के वाइस चेयरमैन सतेंद्र भंडारी ने मामले को गंभीर बताते हुए विभाग से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।
भटवाड़ी गांव में इन दिनों पेयजल की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। रेड क्रॉस सोसाइटी रुद्रप्रयाग के वाइस चेयरमैन सतेंद्र भंडारी ने आरोप लगाया कि जब वह घर में नल से पानी भर रहे थे, तभी बाल्टी में कीड़े जैसे परजीवी दिखाई दिए। उनका कहना है कि गांव के लोग लंबे समय से इसी पानी का उपयोग पीने और दैनिक कार्यों में कर रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
उन्होंने कहा कि खेतों में काम करने वाली महिलाएं और मजदूर अक्सर सीधे नल का पानी पीकर प्यास बुझाते हैं। ऐसे में यदि यह दूषित पानी लोगों के पेट में जाता है तो गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। सतेंद्र भंडारी ने कहा कि जल संस्थान ग्रामीणों से भारी-भरकम पानी का बिल तो वसूलता है, लेकिन पानी की टंकियों की सफाई, दवा छिड़काव और नियमित निगरानी नहीं की जाती।
उन्होंने पुराने मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी गांव के पानी के स्रोत पर गाय मरने के बाद पानी में कीड़े आने और लोगों में बीमारी फैलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। तब स्वास्थ्य विभाग और जल संस्थान की टीम गांव पहुंची थी। उन्होंने मांग की कि विभाग केवल शिकायत के बाद नहीं, बल्कि नियमित रूप से हर गांव में पानी की गुणवत्ता की जांच और निगरानी करे।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि कई गांव आज भी पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, लेकिन विभाग इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा। लोगों ने जल संस्थान से तत्काल पानी की जांच कराने, टंकियों की सफाई करवाने और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।





