रुद्रप्रयाग। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत मवाणा गांव में चल रहे निर्माण कार्य से प्रभावित ग्रामीणों ने सोमवार सुबह से नगरासू स्थित परियोजना के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना कार्यों के कारण उनके मकानों में दरारें पड़ गई हैं, आंगन क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कई भवनों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे परियोजना की ओर से पहले प्रभावित भवनों का सर्वे कर उन्हें चिन्हित किया गया था, लेकिन मुआवजा वितरण के दौरान कई प्रभावित परिवारों के साथ भेदभाव किया गया। उनका आरोप है कि नुकसान की तुलना में बहुत कम मुआवजा दिया गया, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
सुबह करीब आठ बजे से शुरू हुए धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उन्हें न्यायोचित मुआवजा नहीं दिया जाता और उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि धरना शुरू होने के कई घंटे बाद तक न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही रेलवे परियोजना से जुड़े अधिकारी उनकी समस्याएं सुनने आए। इससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन एवं रेलवे परियोजना प्रबंधन से तत्काल वार्ता कर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। फिलहाल धरना जारी है और ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।





