रुद्रप्रयाग। भाई की हत्या के मामले में रुद्रप्रयाग पुलिस की मजबूत विवेचना और जुटाए गए साक्ष्यों का अदालत में असर दिखाई दिया है। 24 दिसंबर 2024 को हुई श्रीकांत नेगी की हत्या के मामले का पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर पटाक्षेप किया था। इस कार्रवाई में तत्कालीन कोतवाल मनोज नेगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की विवेचना में जुटाए गए मौखिक, दस्तावेजी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी नितिन सिंह नेगी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रुद्रप्रयाग मीना अग्रवाल की अदालत ने 21 अगस्त 2026 को यह फैसला सुनाते हुए दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामला 24 दिसंबर 2024 का है। अभियोजन के अनुसार घटना के दिन आरोपी नितिन नेगी गांव में घूम रहा था। इसी दौरान उसका अपने भाई श्रीकांत नेगी के साथ विवाद हो गया। शिकायतकर्ता सुरेंद्र सिंह ने न्यायालय में दिए बयान में बताया कि उसने घटना के दौरान नितिन को श्रीकांत के साथ झगड़ते देखा। शोर सुनकर जब लोग मौके पर पहुंचे तो श्रीकांत घायल अवस्था में मिला। बाद में उसे जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू के टुकड़े और चाकू का हत्था, खून आलूदा मिट्टी तथा खून लगे कपड़ों सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को कब्जे में लिया। मामले की विवेचना निरीक्षक मनोज कुमार नेगी को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी नितिन सिंह नेगी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(1) के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 13 मौखिक साक्षियों का परीक्षण कराया। इसके साथ ही दस्तावेजी और भौतिक साक्ष्यों को भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी की घटनास्थल पर मौजूदगी और हत्या में उसकी संलिप्तता को युक्तियुक्त संदेह से परे साबित करने में सफल रहा है।
बचाव पक्ष की ओर से आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने तथा प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य को लेकर तर्क प्रस्तुत किए गए, लेकिन न्यायालय ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने नितिन सिंह नेगी को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(1) के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस की विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते करीब दो साल पुराने इस हत्याकांड में दोषसिद्धि हुई है। न्यायालय ने दोषी का सजायाफी वारंट तैयार कर जेल अधीक्षक, जिला कारागार पुरसाड़ी (चमोली) को भेजने के निर्देश दिए हैं।





