रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग के ग्राम सभा बावई के एक साधारण परिवार से निकलकर तीन भाइयों ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। परिवार के सबसे छोटे बेटे आशीष गुसाईं ने नेट-जेआरएफ (भौतिक विज्ञान) परीक्षा में देशभर में 138वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि ग्राम सभा बावई, जनपद रुद्रप्रयाग और पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है।
आशीष गुसाईं वर्तमान में आईआईटी दिल्ली से एमटेक की पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि की खबर सामने आने के बाद ग्राम सभा बावई सहित उनके सभी शिक्षण संस्थानों में खुशी का माहौल है। आशीष की प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही हुई। इसके बाद उन्होंने जूनियर और हाईस्कूल की परीक्षा राजकीय हाईस्कूल बावई से उत्तीर्ण की। आगे की शिक्षा उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज चोपता से प्राप्त की। यही वजह है कि उनकी सफलता से केवल राजकीय इंटर कॉलेज चोपता ही नहीं, बल्कि गांव से लेकर उन सभी शिक्षण संस्थानों में खुशी है, जहां उन्होंने शिक्षा ग्रहण की।
आशीष की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने सीमित आर्थिक संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए यह मुकाम हासिल किया है। आशीष के पिता स्वर्गीय तेजपाल सिंह गुसाईं का निधन उनके बचपन में ही हो गया था। इसके बावजूद परिवार ने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी और तीनों भाइयों ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयां हासिल कीं।
तीन भाइयों में सबसे बड़े विवेक गुसाईं हैं, जो आईआईटी दिल्ली से पीएचडी कर रहे हैं। दूसरे भाई केशव गुसाईं ने श्रीनगर स्थित विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। जबकि सबसे छोटे आशीष गुसाईं हैं, जिन्होंने नेट-जेआरएफ में देशभर में 138वीं रैंक हासिल की है। एक छोटे से परिवार के तीनों भाइयों का शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ना गांव के युवाओं और बच्चों के लिए भी प्रेरणा का विषय बना हुआ है।
आशीष की इस उपलब्धि पर ग्राम सभा बावई के बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भी खुशी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के एक छोटे से परिवार के तीनों भाइयों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में हासिल की जा रही उपलब्धियां पूरे गांव के लिए गर्व की बात हैं। आशीष की सफलता से गांव में खुशी का माहौल है और लोग उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।
इस अवसर पर तहलका यूके न्यूज के संपादक एवं ग्राम सभा बावई निवासी भूपेन्द्र सिंह भण्डारी ने भी आशीष गुसाईं की इस शानदार उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि बावई जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर आशीष ने देशभर में 138वीं रैंक हासिल कर यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी संसाधन या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा के प्रति समर्पण और निरंतर मेहनत के दम पर बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है।
भूपेन्द्र सिंह भण्डारी ने आशीष, उनके बड़े भाई विवेक और भाई केशव को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तीनों भाइयों की उपलब्धियां ग्राम सभा बावई के लिए गौरव का विषय हैं। उन्होंने कहा कि इन भाइयों की सफलता गांव के नौनिहालों और युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने आशीष के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वह आने वाले समय में भी अपनी प्रतिभा से परिवार, गांव, जनपद और उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे।
आशीष गुसाईं की यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा में हासिल की गई रैंक नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत, पारिवारिक संस्कार और शिक्षा के प्रति समर्पण की कहानी है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी दिल्ली तक पहुंचना और अब नेट-जेआरएफ में देशभर में 138वीं रैंक हासिल करना क्षेत्र के युवाओं के लिए निश्चित रूप से एक प्रेरणादायी उदाहरण है।





