रुद्रप्रयाग। ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की ओर से गुरुवार को रुद्रप्रयाग में प्रवासी पंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एसएस नेगी ने की। पंचायत में प्रवासियों से संवाद कर रिवर्स पलायन, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा की गई।
डॉ. एसएस नेगी ने कहा कि प्रवासी पंचायत का उद्देश्य गांवों से बाहर रह रहे लोगों को अपने मूल गांव लौटकर स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि प्रवासियों के अनुभव और सफलता की कहानियां दूसरे लोगों को भी गांव में आजीविका के अवसर तलाशने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
आयोग के सदस्यों ने प्रत्येक ग्राम पंचायत को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और ग्रामोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से प्रवासियों को गांवों से जोड़ने पर जोर दिया। इस दौरान प्रवासियों ने अपनी समस्याएं, अनुभव और सुझाव भी साझा किए।
आयोग के सदस्य सचिव ए.के. राजपूत ने ग्राम्य विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार की स्वरोजगार और पलायन निवारण योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रवासी पंचायत से मिले सुझावों को विकास योजनाओं में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने स्वरोजगारपरक योजनाओं और सरकारी सहायता की जानकारी दी। इस अवसर पर आयोग के सदस्य रामप्रकाश पैन्यूली, सुरेश सुयाल, रंजना रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।











