केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के साथ ही श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने भी अपनी तैयारियां तेज

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के साथ ही श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने भी की अपनी तैयारियां तेज ।



(तहलका यूके/रुद्रप्रयाग)

रुद्रप्रयाग।केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के साथ ही श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। केदारनाथ व बदरीनाथ में विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए बीकेटीसी के अग्रिम दल 15 मार्च को धामों के लिए रवाना होंगे। 


ऊखीमठ स्थित औंकारेश्वर मंदिर में आज केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होने के तुरंत बाद बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने अधिकारियों के संग बैठक की और अब तक की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बीकेटीसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि तैयारियों में किसी प्रकार की कोर कसर नहीं छोड़ी जाए। उन्होंने कहा कि गत वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस वर्ष भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। 


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में आने वाले सभी तीर्थयात्रियों व पर्यटकों के प्रति अतिथि देवो भव की भावना रखने के निर्देश दिए हैं। लिहाजा, धामों में आने वाले श्रद्धालुओं के प्रति मुख्यमंत्री की भावना के अनुरूप व्यवहार रखें। उन्होंने कहा कि यात्रा व्यवस्था में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी और लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। 


अजेंद्र ने कहा कि इस वर्ष यात्रा काल के दौरान बदरीनाथ व केदारनाथ में बीकेटीसी के कार्मिकों की लंबी – चौड़ी फौज नहीं भेजी जाएगी। इसके बजाय कर्मठ व कुशल कार्मिकों की छंटनी कर एक सुसंगठित टीम भेजी जाएगी। उन्होंने इस वर्ष बीकेटीसी के अग्रिम दलों को 15 मार्च को बदरीनाथ व केदारनाथ भेजने के निर्देश दिए। ये दल वहां विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देंगे।


बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी व केदारनाथ विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने कहा कि यात्रा व्यवस्था को लेकर शीघ्र ही एसओपी जारी की जाएगी। बीकेटीसी द्वारा हाल ही में देश के चार प्रमुख मंदिरों श्री तिरुपति बालाजी, श्री वैष्णो देवी, श्री महालेश्वर व श्री सोमनाथ में विभिन्न व्यवस्थाओं के अध्ययन के लिए दल भेजे गए थे। अध्ययन दलों की रिपोर्ट पर विचार – विमर्श कर यहां के धामों में भी व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा। 


बैठक में बीकेटीसी के सदस्य श्री निवास पोस्ती, पुष्कर जोशी, कार्यकारी अधिकारी रमेश तिवारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, राज कुमार नौटियाल, मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पान आदि उपस्थित थे।

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