द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर मंदिर के कपाट खुलने के बाद अब बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। वर्षों से कपाट खुलने के अवसर पर मद्महेश्वर धाम को कई कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया जाता रहा है, लेकिन इस बार धाम में वैसी सजावट नहीं दिखाई दी। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये का दान मिलने के बावजूद व्यवस्थाओं का हाल लगातार बदहाल होता जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मंदिर समिति करोड़ों रुपये का उपयोग कहां कर रही है। लोगों का कहना है कि आज तक यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुविधा के लिए मंदिर समिति की ओर से न स्थायी शौचालय दिखाई देते हैं, न समिति के साइन बोर्ड, न सूचना केंद्र और न ही कोई स्पष्ट सुविधा व्यवस्था। हर साल देश-विदेश से भक्त करोड़ों रुपये का दान देते हैं, बड़े उद्योगपतियों द्वारा भी भारी धनराशि मंदिर समिति को सौंपी जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुविधाएं नजर नहीं आतीं।
इस बार तो हद तब हो गई जब द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम के कपाट खुलने जैसे ऐतिहासिक अवसर पर मंदिर को फूल-मालाओं से भी भव्य रूप में नहीं सजाया गया। इसे लेकर श्रद्धालुओं, तीर्थपुरोहितों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब लोग जानना चाहते हैं कि आखिर मंदिर समिति दान में मिलने वाले करोड़ों रुपये का उपयोग कहां और किस कार्य में कर रही है। मद्महेश्वर धाम की सजावट को लेकर उठे सवाल अब सीधे मंदिर समिति की कार्यप्रणाली और धन के उपयोग पर खड़े हो गए हैं। इन सवालों का जवाब कौन देगा, इसका इंतजार अब श्रद्धालु और आम जनता दोनों कर रहे हैं।





