केदारनाथ हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले तीन अभियुक्तों को न्यायिक मजिस्ट्रेट उखीमठ श्री सन्तोष पच्छिमी की अदालत ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने विकास कुमार, सौरभ सिंह और पुनीत कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी है। साथ ही धारा 120बी (अपराधिक षड्यंत्र) के तहत प्रत्येक को छह-छह माह के कारावास और 5-5 हजार रुपये के अतिरिक्त जुर्माने से दंडित किया गया है।
मामले के अनुसार वर्ष 2019 में अभियुक्तों ने ‘एशियन हॉलिडे’ नाम से एक फर्जी वेबसाइट और ईमेल आईडी बनाकर खुद को पवन हंस हेली सर्विस से जुड़ा बताकर श्रद्धालुओं को केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर टिकट की एडवांस बुकिंग का झांसा दिया। गिरोह नोएडा (उत्तर प्रदेश) से संचालित हो रहा था और फर्जी सिम कार्डों के माध्यम से लोगों से संपर्क कर अपनी पहचान छिपाकर ठगी को अंजाम देता था।
इस दौरान गुरुग्राम की स्वीकृती शर्मा से 12,960 रुपये, विपिन यादव से 30,500 रुपये और महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी चेतना प्रवीण सरवदे से 48,400 रुपये ऑनलाइन खातों में जमा कराए गए। पीड़ितों को ठगी का पता तब चला जब वे फाटा हेलीपैड पहुंचे और उनके टिकट फर्जी पाए गए, जिसके बाद थाना गुप्तकाशी में मुकदमा दर्ज कराया गया।
विवेचना के दौरान अभियुक्तों के बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि हुई। राज्य की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी विनीत उपाध्याय द्वारा प्रभावी पैरवी किए जाने के बाद न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।





