(भूपेन्द्र भण्डारी/tehelka uk न्यूज)
रुद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना को प्रभावी ढंग से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही भोजनमाताओं को उनके कार्य एवं दायित्वों की जानकारी देने और कार्य में दक्ष बनाने के उद्देश्य से जनपद के सभी 27 संकुल केंद्रों में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले की 930 भोजनमाताओं ने प्रतिभाग किया।
मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य परियोजना निदेशक के निर्देशानुसार भोजनमाताओं को प्रशिक्षण देने के लिए जिला प्रकोष्ठ की ओर से मॉड्यूल तैयार किया गया था। मास्टर ट्रेनर सीआरपी के माध्यम से सभी संकुल केंद्रों में प्रशिक्षण संपन्न कराया गया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को सुरक्षित, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में भोजनमाताओं की अहम भूमिका है।
प्रशिक्षण में भोजनमाताओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, साप्ताहिक भोजन मेन्यू, खाद्यान्न के निर्धारित मानक, खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण, आपातकालीन प्रबंधन तथा स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य पदार्थों की बर्बादी रोकने, बच्चों के साथ समानता एवं ममतामयी व्यवहार करने तथा खाना पकाने में लोहे की कड़ाही के महत्व को भी समझाया गया।
प्रशिक्षण के दौरान भोजन पकाने से पूर्व आवश्यक सुरक्षा तैयारियों और सावधानियों के साथ विद्यालयों में कीचन गार्डन विकसित करने पर भी जोर दिया गया। भोजनमाताओं को छात्र-छात्राओं में भोजन से पहले और बाद में हाथ धोने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान भोजनमाताओं ने अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभव और समस्याएं भी साझा कीं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि भोजनमाताओं की पाक कला को बेहतर बनाने के लिए प्रतिवर्ष पाक कला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें खाद्य संरक्षा विभाग एवं गृह विज्ञान की शिक्षिकाओं का सहयोग लिया जाता है। उन्होंने प्रशिक्षण में मिली जानकारी को विद्यालयों में व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण को सफल बनाने में सीआरपी कोऑर्डिनेटर, प्रधानाध्यापकों एवं योजना प्रभारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समग्र शिक्षा के वित्त अधिकारी अनुज भद्री, पीएम पोषण प्रभारी वीरेन्द्र कठैत, जिला समन्वयक गणेश प्रसाद एवं एमआईएस समन्वयक महिपाल सिंह ने भी प्रशिक्षण से संबंधित विभिन्न जानकारियां साझा कीं।





