रुद्रप्रयाग में चल रहे “ऑपरेशन क्रैकडाउन” के तहत पुलिस ने बाहरी मजदूरों के सत्यापन अभियान को और तेज कर दिया है। बुधवार को पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग/गुप्तकाशी विकास पुंडीर ने स्वयं अभियान का नेतृत्व करते हुए जवाड़ी और झिरमोली क्षेत्र के विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ मजदूरों का पुलिस सत्यापन न कराए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस अधिनियम के तहत 10 हजार रुपये का चालान किया गया।
पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने मौके पर ही कोतवाली रुद्रप्रयाग प्रभारी को निर्देश दिए कि क्षेत्र में कार्य कर रहे सभी मजदूरों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन किसी भी बाहरी व्यक्ति को काम पर रखने पर संबंधित ठेकेदार या मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग सुश्री नीहारिका तोमर के निर्देशन में जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखने और बाहरी असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसके तहत अब तक जनपद पुलिस द्वारा 1828 बाहरी व्यक्तियों का भौतिक और दस्तावेजी सत्यापन किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार सत्यापित किए गए सभी व्यक्तियों का विवरण कोतवाली स्तर पर रजिस्टर और डिजिटल रूप में दर्ज किया गया है। साथ ही उनके आपराधिक इतिहास की जांच राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पोर्टलों जैसे ICJS, NATGRID और CCTNS के माध्यम से की जा रही है, ताकि कोई भी संदिग्ध या वांछित अपराधी पहचान छिपाकर जनपद में न रह सके।
पुलिस ने मकान मालिकों, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और ठेकेदारों से अपील की है कि वे अपने यहां रहने वाले किरायेदारों, बाहरी श्रमिकों और नौकरों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं। सत्यापन न कराने वालों के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई जारी रहेगी।












