बीमा पर घमासान… यात्रा से पहले बढ़ी चिंता,घोड़े-खच्चर संचालकों ने उठाए सवाल, सरकार से मांगा 1 लाख मुआवजा।

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के लिए लागू पशुधन बीमा व्यवस्था को लेकर असंगठित कामगार कर्मचारी कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड के प्रदेश महामंत्री व रुद्रप्रयाग जनपद प्रभारी अवतार सिंह नेगी ने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पहले पशुपालन विभाग की पशुधन बीमा योजना के तहत घोड़े-खच्चरों का बीमा किया जाता था, जिसमें सामान्य वर्ग को 50 प्रतिशत और अनुसूचित जाति, जनजाति तथा बीपीएल वर्ग को 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती थी, लेकिन पिछले वर्ष से यह व्यवस्था बंद कर दी गई, जिससे पशुपालकों और संचालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

नेगी ने कहा कि पिछले वर्ष घोड़ों में आई एक संक्रामक बीमारी के कारण बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हुई थी और उस समय बीमा न होने के कारण संचालकों को कोई राहत नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि इस बार भी पशुधन बीमा योजना को दोबारा लागू करने के बजाय ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे गरीब घोड़ा-खच्चर संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उनका कहना है कि यह वर्ग पहले ही साल भर पशुओं के पालन-पोषण का खर्च उठाता है और केवल केदारनाथ यात्रा के दो से तीन महीने के काम पर निर्भर रहता है।

अवतार सिंह नेगी ने सरकार से मांग की है कि पशुधन बीमा योजना को फिर से लागू किया जाए और इसमें यह प्रावधान किया जाए कि यदि किसी संचालक का घोड़ा मरता है तो उसे कम से कम एक लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि घोड़े-खच्चरों के लिए उचित बीमा व्यवस्था नहीं की गई तो इससे संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान होगा और इसका प्रतिकूल असर केदारनाथ यात्रा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी प्रशासन, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और सरकार की होगी।

  • Related Posts

    ग्लेशियरों के बीच सजी केदारनाथ यात्रा की दिव्य राह,लिंचौली से धाम तक 5-6 फीट बर्फ हटाकर DDMA ने तैयार किया सुरक्षित ट्रैक,श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम…

    केदारनाथ।हिमालय की ऊंचाइयों में स्थित विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा इस बार चुनौती और रोमांच दोनों का संगम बनने जा रही है। देर से हुई भारी बर्फबारी ने जहां यात्रा…

    धधकती अग्नि में देवत्व का साक्षात अवतरण,जाख मेले की प्राचीन परम्परा में जाखराजा का अलौकिक नृत्य,हजारों श्रद्धालुओं ने देखा आस्था का जीवंत चमत्कार..

    रुद्रप्रयाग जनपद के जाखधार में सदियों पुरानी आस्था, परम्परा और लोकसंस्कृति का अद्भुत संगम एक बार फिर देखने को मिला, जब 11वीं सदी से चली आ रही ऐतिहासिक जाख मेले…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *