रुद्रप्रयाग/उखीमठ। उत्तराखंड में 2006 से बंद पड़े व्यायाम शिक्षकों के पदों को बहाल कराने की मांग को लेकर शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगारों की पदयात्रा जारी है। सोमवार को पदयात्रा धारी देवी मंदिर पहुंची, जहां प्रतिभागियों ने मां धारी देवी का आशीर्वाद लिया और इसके बाद देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास के लिए पुनः प्रस्थान किया।
इससे पहले पदयात्रा की शुरुआत केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से हुई, जहां बेरोजगारों ने पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री के लिए प्रसाद लिया। इसके बाद उन्होंने केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। आगे रुद्रप्रयाग पहुंचकर कैबिनेट मंत्री भारत सिंह चौधरी से भी भेंट की गई और मांगों को उनके समक्ष रखा गया।
पदयात्रा में शामिल युवाओं का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्राथमिक से इंटरमीडिएट स्तर तक शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य किया गया है, बावजूद इसके राज्य में शारीरिक शिक्षकों की भर्ती नहीं हो रही है। उनका आरोप है कि वर्ष 2006 के बाद से इस विषय में कोई भर्ती नहीं निकली, जिससे बीपीएड और एमपीएड डिग्रीधारी कई युवा आयु सीमा पार कर चुके हैं।
युवाओं ने मांग की है कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों के पद सृजित कर नियुक्ति की जाए, उच्च प्राथमिक स्तर पर लंबित फाइल संख्या 77006 को वित्त विभाग और मंत्रिपरिषद से मंजूरी दिलाई जाए, इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता पद सृजित किए जाएं और भर्ती में आयु सीमा में छूट दी जाए।
पदयात्रा में प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडे सहित महेश नेगी, गोविंद सिंह, रविंद्र सिंह, प्रदीप सिंह नेगी, महावीर सिंह, सतीक्षण और योगंबर नेगी समेत कई लोग शामिल हैं। प्रतिभागियों का कहना है कि वे पहले मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को प्रसाद भेंट कर अपनी समस्याओं से अवगत कराएंगे और उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।





