राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग में हॉर्टिकल्चर छात्रों ने उठाई आवाज,शिक्षकों की कमी के बीच दो अतिरिक्त प्राध्यापक पदों की मांग..

रुद्रप्रयाग। राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग में संचालित चार वर्षीय बीएससी ऑनर्स हॉर्टिकल्चर पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की कमी का मामला उठाते हुए अतिरिक्त प्राध्यापक पद सृजित करने की मांग की है। छात्र-छात्राओं ने 14 अगस्त को उच्च शिक्षा मंत्री को प्राचार्य के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर तत्काल कम से कम दो अतिरिक्त प्राध्यापक पद स्वीकृत करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि चार वर्षीय बीएससी ऑनर्स हॉर्टिकल्चर के प्रत्येक सेमेस्टर में आठ से दस विषय होते हैं और इनके साथ प्रायोगिक कार्य भी अनिवार्य है। छात्रों के अनुसार शिक्षकों की कमी के कारण पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई, परीक्षाओं और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
छात्रों ने कहा कि समस्या को लेकर उच्च शिक्षा निदेशालय से संपर्क करने पर कम छात्र संख्या का हवाला देकर अतिरिक्त पदों के सृजन अथवा नियुक्ति से मना कर दिया जाता है। वहीं, ज्ञापन में सरकार की समान शैक्षणिक नीति के दावों के विपरीत राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार में इसी सत्र से शुरू हुए बीएससी ऑनर्स एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम के लिए तीन प्राध्यापक पद स्वीकृत किए जाने का उल्लेख करते हुए रुद्रप्रयाग के हॉर्टिकल्चर पाठ्यक्रम की उपेक्षा का आरोप लगाया गया है।
ज्ञापन के साथ बीएससी ऑनर्स हॉर्टिकल्चर के छात्र-छात्राओं की हस्ताक्षरयुक्त सूची भी संलग्न की गई। सूची में कुल 20 छात्र-छात्राओं के नाम दर्ज हैं, जिनमें अजय परिहार, ऋषभ नेगी, शुभम सिंह, स्वाधीन सेमवाल, उत्कर्ष, विनय सिंह, कुशराज सिंह, साक्षी, दिव्यांशु सिंह, मनजीत सिंह, अंजली, दिव्या, ईशा नेगी, ललिता, संध्या, तनु, आयुष कुणियाल, अभिषेक कुमार, महक और दीपिका शामिल हैं। सूची में छात्र-छात्राओं के सेमेस्टर और हस्ताक्षर भी दर्ज हैं।
छात्र-छात्राओं ने मांग की कि हॉर्टिकल्चर विभाग में यूजीसी एवं पाठ्यक्रम की आवश्यकता के अनुरूप तत्काल कम से कम दो अतिरिक्त प्राध्यापक पद सृजित किए जाएं। नियमित नियुक्ति होने तक गेस्ट फैकल्टी अथवा मानदेय के आधार पर शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। छात्रों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र के युवाओं के भविष्य और कृषि-बागवानी शिक्षा को देखते हुए सरकार को इस मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

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