जनपद रुद्रप्रयाग में जनवरी माह के दौरान भी जंगली जानवरों के हमलों की घटनाएं कम न होना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। आमतौर पर कड़ाके की ठंड में जंगली जानवर हाइबरनेशन में चले जाते हैं, लेकिन इस वर्ष स्थिति इसके उलट देखने को मिल रही है। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने कहा कि सर्दियों के इस दौर में भी जंगली जानवरों की लगातार सक्रियता असामान्य है और यह गंभीर चिंता का संकेत है।
डीएम ने बताया कि वन क्षेत्रों से सटे ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य इन हमलों को कम करना और प्रभावित लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है।
उन्होंने कहा कि किसी भी हमले या दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं। एंबुलेंस सेवाओं और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत पहुंचाई जा सके। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की गई है।





