ग्रामीण शिक्षा का स्वर्णिम अध्याय: पीएस कोट तल्ला ने रचा इतिहास, उत्तराखंड में प्रथम और देश में 23वीं रैंक हासिल

रुद्रप्रयाग। हिमालय की गोद में बसे एक छोटे से ग्रामीण विद्यालय ने अपनी असाधारण उपलब्धि से यह सिद्ध कर दिया है कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि वह समर्पण, दूरदृष्टि और अथक परिश्रम की तपस्या से जन्म लेती है। जनपद रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला ने शिक्षा जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए वर्ष 2025 की नेशनल लेवल सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट सूची में उत्तराखंड राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर 95.8 प्रतिशत रेटिंग प्राप्त हुई है,पूरे देश में सरकारी विद्यालयों में प्रथम स्थान जबकि  23वीं रैंक हासिल कर इस ग्रामीण विद्यालय ने उत्तराखंड और रुद्रप्रयाग जनपद का गौरव राष्ट्रीय पटल पर स्थापित किया है।

यह उपलब्धि केवल एक विद्यालय की सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की असीम संभावनाओं का जीवंत प्रमाण है। सीमित संसाधनों और पर्वतीय परिस्थितियों के बीच शिक्षा की अलख जगाने वाले शिक्षक सतेंद्र भण्डारी ने अपने अथक परिश्रम, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के बल पर इस विद्यालय को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उनकी शिक्षा के प्रति साधना और विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने की प्रतिबद्धता ने एक साधारण विद्यालय को असाधारण ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।

विद्यालय में शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों, रचनात्मकता और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ा गया। यही कारण है कि विद्यालय ने राष्ट्रीय मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह गौरवशाली मुकाम हासिल किया। क्षेत्र के अभिभावकों का कहना है कि सतेंद्र भण्डारी ने अपने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से ऊपर उठकर विद्यार्थियों के भविष्य को प्राथमिकता दी और विद्यालय को एक आदर्श शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया।

शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उनका योगदान अनुकरणीय रहा है। विद्यालय परिसर को हरित एवं स्वच्छ बनाने, वृक्षारोपण को बढ़ावा देने तथा बच्चों में प्रकृति संरक्षण की भावना विकसित करने के लिए उन्होंने अनेक अभिनव पहलें कीं। उनकी ये पहलें आज केवल विद्यालय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे जनपद और प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। शिक्षा और पर्यावरण के समन्वय का जो मॉडल उन्होंने विकसित किया है, वह आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक मिसाल माना जा रहा है।

विद्यालय की इस अभूतपूर्व सफलता पर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है। शिक्षा विभाग, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इसे ग्रामीण प्रतिभा और समर्पित शिक्षण व्यवस्था की ऐतिहासिक जीत बताया है। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रदीप थपलियाल, नगर पालिका अध्यक्ष संतोष रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षाविदों ने विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा शिक्षक सतेंद्र भण्डारी को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान पूरे जनपद के लिए गौरव का विषय है। यह सिद्ध करता है कि यदि शिक्षक समर्पित हों, नवाचार को अपनाएं और समाज का सहयोग प्राप्त हो, तो ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता का परचम लहरा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक विद्यालय की सफलता नहीं, बल्कि जनपद की शिक्षा व्यवस्था की सामूहिक उपलब्धि है, जो आने वाले समय में अन्य विद्यालयों को भी नई प्रेरणा प्रदान करेगी।

वहीं मुख्य शिक्षा अधिकारी रुद्रप्रयाग ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला की सफलता जनपद की शिक्षा व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। शिक्षक सतेंद्र भण्डारी एवं उनकी टीम ने नवाचार, गुणवत्ता और विद्यार्थियों के समग्र विकास का जो मॉडल प्रस्तुत किया है, वह प्रदेश भर के विद्यालयों के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सफलता भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगी तथा ग्रामीण विद्यालयों के प्रति समाज की सोच को भी सकारात्मक दिशा देगी।

इस अवसर पर शिक्षक सतेंद्र भण्डारी ने विनम्रता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार, सहयोगी शिक्षक सुखदीप चौहान, ग्रामवासियों, अभिभावकों, विद्यार्थियों तथा सभी शुभचिंतकों के सामूहिक आशीर्वाद और सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि गुरुजनों के आशीर्वाद, समाज के विश्वास और बच्चों की मेहनत के बल पर विद्यालय ने उत्तराखंड में प्रथम स्थान तथा राष्ट्रीय स्तर पर 95.8 रेटिंग के साथ पूरे देश में 23वीं रैंक प्राप्त की है। उन्होंने इस उपलब्धि को समाज और शिक्षा के प्रति सामूहिक समर्पण की विजय बताते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक जिम्मेदारी तथा समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।

हिमालयी अंचल के एक छोटे से विद्यालय की यह सफलता आज यह संदेश दे रही है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, लक्ष्य स्पष्ट हो और शिक्षा को मिशन बनाकर कार्य किया जाए तो पहाड़ों की ऊंचाइयों से भी बड़े सपने साकार किए जा सकते हैं। प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला की यह उपलब्धि केवल एक पुरस्कार या रैंकिंग नहीं, बल्कि उस जीवंत विश्वास का प्रमाण है कि भारत का ग्रामीण विद्यालय भी राष्ट्रीय उत्कृष्टता के शिखर तक पहुंच सकता है। यह गौरवगाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ बनकर लंबे समय तक स्मरणीय रहेगी।

  • Related Posts

    केदारनाथ आपदा की 13वीं बरसी पर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि, केदारनाथ धाम में आयोजित हुई शोक सभा

    रुद्रप्रयाग। वर्ष 2013 में आई भीषण केदारनाथ आपदा की 13वीं बरसी पर मंगलवार को श्री केदारनाथ धाम में आपदा में जान गंवाने वाले हजारों श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और लापता लोगों…

    तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रैक पर चला स्वच्छता का महाअभियान, पुलिस, पुजारी, स्थानीय लोग और श्रद्धालु आए साथ, हिमालय को स्वच्छ रखने का दिया संदेश…

    चोपता/रुद्रप्रयाग। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम और चंद्रशिला ट्रैक को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से सोमवार को वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। तुंगनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *