रुद्रप्रयाग । रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के अंतर्गत मयाली–गुप्तकाशी मोटर मार्ग स्थित जाखणी कक्ष संख्या-6 के आरक्षित वन क्षेत्र में आग लगाने की घटना सामने आई है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि आरोपी दीपक लाल (निवासी खलियान बांगर, वर्तमान ललूड़ी, जखोली) ने जानबूझकर वन क्षेत्र में आग लगाई, जो समय रहते काबू न होने पर बड़े वनाग्नि का रूप ले सकती थी।
वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसे डीएफओ न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले में भारतीय वन (उत्तरांचल संशोधन) अधिनियम, 2001 के तहत कार्रवाई की जा रही है, जिसमें आरक्षित वन में आग लगाने पर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा को हुए नुकसान की भरपाई भी आरोपी से वसूल की जाएगी। कार्रवाई में वन दरोगा प्रकाश कंडारी और वन बीट अधिकारी आशीष रावत शामिल रहे। विभाग ने आमजन से अपील की है कि वनाग्नि रोकथाम में सहयोग करें और ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत दें।





