इस वर्ष रूद्रनाथ महोत्सव बदले हुए स्वरूप में आयोजित होने जा रहा है। 7 जनवरी से 13 जनवरी तक रूद्रप्रयाग में होने वाला यह महोत्सव अब शीतकालीन यात्रा उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। नगरपालिका परिषद रूद्रप्रयाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को नई पहचान दिलाना है।
नगर पालिका अध्यक्ष संतोष रावत ने बताया कि रूद्रनाथ महोत्सव को शीतकालीन यात्रा उत्सव के रूप में आयोजित करने से सर्दियों के दौरान भी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर जहां शीतकालीन यात्रा को नई दिशा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और रीति-रिवाजों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सकेगा। महोत्सव के माध्यम से रूद्रप्रयाग को पर्यटन के मानचित्र पर एक अलग पहचान मिलने की उम्मीद है।
महोत्सव के दौरान शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के साथ-साथ सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके लिए मेले में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां आमजन को योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही स्थानीय उत्पादों को भी विशेष रूप से स्थान दिया जाएगा, जिससे यहां आने वाले पर्यटक पहाड़ के उत्पादों की खरीदारी कर सकें। इससे न केवल स्थानीय उत्पादों को देशभर में पहचान मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय लोगों की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।
प्रशासन का मानना है कि रूद्रनाथ महोत्सव का यह नया स्वरूप शीतकालीन पर्यटन को गति देगा और आने वाले समय में रूद्रप्रयाग को वर्षभर पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।





