रुद्रप्रयाग । जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग के निरंतर प्रयासों और प्रभावी समन्वय का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-07 (पुराना एनएच-58) पर सिरोबगड़ क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही भूस्खलन की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भूस्खलन ट्रीटमेंट कार्य को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई है। यह कार्य वार्षिक योजना 2025-26 के अंतर्गत किया जाएगा।
स्वीकृत परियोजना के तहत सिरोबगड़ में चेनाज 350.767 से 350.938 तक भूस्खलन उपचार कार्य कराया जाएगा, जिसकी कुल स्वीकृत लागत 95.12 करोड़ रुपये है। इससे पहले राज्य लोक निर्माण विभाग द्वारा 96.11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे तकनीकी परीक्षण के बाद संशोधित करते हुए मंत्रालय स्तर पर स्वीकृति प्रदान की गई।
सिरोबगड़ क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ धाम की यात्रा के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही भी बार-बार बाधित होती रही है। यात्रियों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता था। इस गंभीर समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्थलीय निरीक्षण, तकनीकी परीक्षण और प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति दिलाने के लिए लगातार उच्च स्तर पर समन्वय किया।
परियोजना के अंतर्गत ढीली चट्टानों की स्केलिंग, हाई टेन्साइल केबल नेट, डीटी मेष और रॉक एंकर के माध्यम से पहाड़ी ढलानों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा, ताकि भविष्य में भूस्खलन की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके। यह संपूर्ण कार्य ईपीसी (EPC) मोड पर संपादित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि सिरोबगड़ भूस्खलन ट्रीटमेंट कार्य की स्वीकृति से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात अधिक सुरक्षित होगा और चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों की दैनिक आवाजाही भी सुगम होगी। जिला प्रशासन जनसुरक्षा और जनसुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर विकासात्मक कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है।





